सूचना एवं प्रसारण (आईबी) मंत्रालय और प्रसार भारती के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मंत्रालय ने पिछले कई महीनों से प्रसार भारती के कर्मचारियों का वेतन रोक रखा है। आईबी मंत्री स्मृति ईरानी पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि अपने एक करीबी की कंपनी को फायदा पहुँचाने के लिए वो ऐसा कर रही हैं।

क्या है मामला
आईबी मंत्रालय प्रसार भारती पर एक निजी कंपनी एसओएल प्रोडक्शन को लगभग 3 करोड़ रुपये देने के लिए ज़ोर डाल रहा है। मंत्रालय का कहना है कि एसओएल प्रोडक्शन ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (आईएफएफआई) का शूट किया है जिसके लिए उसे ये पैसा मिलना चाहिए।

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वहीं प्रसार भारती का कहना है कि वो पैसा नहीं देगा। प्रसार भारती का तर्क है कि अभी तक आईएफएफआई का शूट वो दूरदर्शन से कराते थे लेकिन स्मृति ईरानी ने ये काम इस बार एसओएल प्रोडक्शन को दे दिया। जबकि दूरदर्शन हमेशा ये इवेंट करता रहा है।

इससे ज़्यादा बड़े आयोजन जैसे की गणतन्त्र दिवस जिसमें 40 कैमरें लगते हैं उसे भी दूरदर्शन ही कवर करता है। ये तो एक छोटा इवेंट था जिसमें केवल 15 कैमरे लगते हैं। नीजि कंपनी को क्यों ये काम दिया गया जब दूरदर्शन इसे करने में सक्षम है। 15 फरवरी की मीटिंग में आईबी मंत्रालय को प्रसार भारती ने एसओएल प्रोडक्शन को पैसा देने से मन कर दिया।

एसओएल प्रोडक्शन की मालिक फाज़िला अल्लाना और कामना निरुला हैं। ये कहा जा रहा है कि ये दोनों मंत्री स्मृति ईरानी की पुरानी करीबी हैं। वो इनको तब से जानती हैं जब ईरानी अभिनय करती थी।

बता दें, कि इससे पहले भी आईबी मंत्रालय और प्रसार भारती के बीच तनातनी हो चुकी हैं। आईबी मंत्रालय ने प्रसार भारती में दो पत्रकारों को विशेष अधिकारी के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की थी। उनका वेतन भी बहुत ज़्यादा बताया गया था।

प्रसार भारती ने इन पत्रकारों की नियुक्ति को ख़ारिज कर दिया था। इन दोनों पत्रकारों में से एक स्मृति ईरानी के अनाधिकारिक मीडिया एडवाइज़र भी रह चुके हैं।

ईरानी ने रोका कर्मियों वेतन
आईबी मंत्रालय ने इस सब के बीच प्रसार भारती के कर्मचारियों का वेतन रोक लिया है। प्रसार भारती ने जनवरी और फरवरी का वेतन अपने कॉनटीजेंसी फंड से दिया है। प्रसार भारती में लगभग 5000 कर्मचारी काम करते हैं।

ये तब है जब सालाना बजट में प्रसार भारती के लिए 2,800 करोड़ रुपये दिए गए हैं। आईबी मन्त्रालय की ये ज़िम्मेदारी है कि वो हर महीने प्रसार भारती को उस उस फंड से पैसे दे।

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